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तुलसी के बारे में जानकारी और फायदे औषधीय पौधे के 5 प्रकार

तुलसी के बारे में जानकारी और फायदे औषधीय पौधे के 5 प्रकार


 tulsi को जड़ी - बूटियों की रानी माना जाता है! हिन्दू धर्म मे तुलसी को लोग देवी के रूप में पूजते है, और लक्ष्मी का अवतार माना जाता है! इस प्रकार वह भगवान की पत्नी के रूप मे भी मानते है! Tulsi सभी उम्र के लोगों के लिए लाभदायी है. और यह पौष्टिक गुणों से भरपूर है! आयुर्वेद भी कहता है की तुलसी से छोटी से छोटी बीमारी से लेकर बड़ी से बड़ी गम्भीर बीमारी को ठीक करने मे साहायक है! (ऑसीमम सैक्टम) एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा है! 

Tulsi के गुण 

में विटामिन्स और मिनरल्स जैसे कि विटामिन ए, बीटाकेरोटीन, पोटेशियम, आयरन, कॉपर, मैगजीन और मैग्नीशियम की मात्रा भरपूर है! तुलसी दिल के रोगियों के लिए बेहतरीन टॉनिक है! संक्रमण को रोकने के लिए तुलसी का इलाज बहुत प्रभावी है! एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इफ़्लेमेटरी, एंटी-वायरल, एंटी-एलर्जी, एंटी-बैक्टीरिया, एंटी-फंगल, और एंटी-डिसिज गुणों से भरपूर है! तुलसी का प्रयोग एलोपैथि, आयुर्वेद, होम्योपैथी तथा युनानी दवाओं में भी किया जाता है! 

महर्षि चरक 

तुलसी के गुणों का वर्णन करते हुए लिखते हैं – तुलसी, हिचकी, खांसी, विष, श्वास रोग और दर्द को नष्ट करती है! यह पित कारक, कफ-वातनाशक और शरीर और खाद्य पदार्थ के दुर्गंध को दूर करता है! सिर का भारी होना, माथे का दर्द, आधा शीशी, मिर्गी, नासिका रोग तथा कर्मि रोग तुलसी से दूर होते हैं! महर्षि सूश्रूत कहते हैं-(सूत्र-46) तुलसी कफ, वात, विष विकार, श्वास, खांसी और दुर्गंध नाशक है, कफ और वायु को नष्ट करती है! 

भाव प्रकाश में वर्णन है 

कि यह हृदय के लिए हितकर, उष्ण तथा अग्निदीपक है! मूत्र विकार, रक्त विकार को नष्ट करती है! यह पित्त नाशक, वात-क्रमी तथा दुर्गंध नाशक है! यह पसली का दर्द, खांसी, श्वास, हिचकी आदि विकारों को दूर करती है! संसार में लगभग 60 तरह की Tulsi के पौधे पाए जाते हैं, लेकिन भारतवर्ष में मुख्यत: 5 तरह की तुलसी पाई जाती है ईस का इस्तेमाल औषधीय रूप में किया जाता 

श्याम Tulsi 

विष्णु Tulsi 

राम Tulsi 

नीम्बू Tulsi 

वन Tulsi 

Tulsi 200 प्रकार की बीमारियों में लाभदायक है जैसे:- फ्लू, डेंगू, बुखार, खांसी, जुकाम, जोड़ों के दर्द, ब्लड प्रेशर, मोटापा, शुगर, एलर्जी, हेपेटाइटिस, पेशाब, संबंधित समस्या, वात, नकसीर, फेफड़ो की सूजन, अल्सर, तनाव, वीर्य की कमी, थकान भूख मे कमी, उल्टी आदि! 

डाईबिटीज़ के लिए 

Tulsi डाईबिटीज़ के लिए राम बाण की तरह है! डाईबिटीज़ का कोई ईलाज नही है! बस डाईबिटीज़ को कन्ट्रोल करने के लिये अपने शुगर लेवल को मेंटेन रखना पड़ेगा! उसके लिये खाने पीने मे परेज और हर रोज दवाईया खानी पड़ती है! उसकी जगह आप तुलसी का प्रयोग नियमित करते है तो बिना दवाईयो ईसको सही रख सकते है! तुलसी से शुगर लेवल मेंटेन होता है और धीरे देखोगे की आप की यह समस्या खत्म हो जाती है! 

हार्ड अटैक 

आज कल कम उम्र मे भी हार्ड अटैक एक कॉमन सी प्रॉबलम बनती जा रही है! पहले हार्ड अटैक बहुत कम था लेकीन आज के समय यह 30 से 40 वर्ष के युवाओ को बहुत ही ज्यादा हार्ड अटैक आने लगे है! 
एसे मे आप अपने दिल को स्वस्थ रखे, इसके लिये सुबह उठते ही खाली पेट तुलसी का इस्तमाल करे ऐसा करने से आप का BP मेंटेन होगा और कोलेस्ट्रल का स्तर कम होगा जिससे आप का दिल स्वस्थ रहेगा! 

सामान्य समस्याओं मे Tulsi के लाभ 

तुलसी रक्त को साफ करने में सहायक है! इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण के कारण, इसका नियमित सेवन करने मुंहासों को आने से रोकने में मदद करता है! 
तुलसी में पाए जाने वाले थाईमोल से त्वचा सम्बन्धी रोगों मे लाभ मिलता है! 
दाद, खुजली, और त्वचा की अन्य समस्याओं के लिए तुलसी के पत्तों को कूट कर प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ दिनों में यह रोग दूर हो जाते हैं! 
तुलसी को दाद, खाज, खुजली, एक्जिमा आदि चर्म रोगों में तथा घावों को भरने की अच्छी औषधि है! 
तुलसी के नियमित प्रयोग से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने लगता है। तुलसी हृदय के लिए भी गुणकारी है! 
खांसी अथवा गला बैठने पर तुलसी के 2-3 पत्ते खाने के बाद गर्म पानी पीने से खांसी और गले की तकलीफ में आराम मिलता है! 
श्वाश की तकलीफ मे तुलसी के 3-4 पत्ते, काले नमक के साथ खाने से आराम मिलता है! 
यदि कनपटी में दर्द हो तो तुलसी को कनपटी पर मलने से आराम मिलता है! 
कान दर्द व कान बहने मे तुलसी के पत्तों को पीस कर हल्का सा गर्म करके उसे छान कर रस को कान में एक बूंद कान मे टपकाने से कान दर्द में राहत मिलती है! 
आयुर्वेद दुनिया की सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणाली है 
जहरीले जीव सांप, बिच्छू, मधु माखी के काटने पर तुलसी को प्रभावी स्थान पर लगाने से आराम मिलता है! 
तुलसी को शरीर पर मल कर सोने से मच्छर नहीं काटते! 
आग से जलने, किसी भी विषैले कीड़े या मच्छर काटने पर तुलसी को लगाने से आराम मिलता है! 
तुलसी के पत्ते 8-10 बॉडी ऑयल के साथ मिलाकर शरीर पर मलने से मच्छरों के प्रकोप से बच जाएंगे!
प्रात:काल खाली पेट 4-5 पत्ते तुलसी का सेवन करने से शारीरिक बल और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है!
वजन को नियंत्रित करने में सहायक है। मोटा व्यक्ति प्रयोग में लाए तो वजन घटता है, पतला व्यक्ति करता है तो उसका वजन सामान्य हो जाता है!
तुलसी के पत्तों मे थोड़ासा नमक मिलाकर बेहोश व्यक्ति की नाक में डालने से उसे शीघ्र होश आता है!
Tulsi  को शहद में मिलाकर प्रतिदिन पीने से स्मरण शक्ति बढ़ती है और बुद्धि विकसित होती है!
तुलसी के नियमित सेवन से रक्त अल्पता दूर होती है। हिमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है!

सामान्य समस्याओं मे Tulsi  के लाभ

ज्वर और वमन में तुलसी के 8-10 पत्ते कालीमिर्च के साथ पिस कर सेवन  करने से वमन और ज्वर से राहत मिलती है!
छोटे बच्चों को तुलसी में मिश्री कूट कर सुबह देने से बच्चों की उल्टी, दस्त, खांसी, और सर्दी और जुकाम में आराम मिलता है!
जुकाम, छींके, सिरदर्द, बुखार, दमा आदी तुलसी की दो पत्ते शहद मिलाकर लेने से बहुत लाभ होता है!
कैंसर मे तुलसी की 8-10 पत्ते पीसकर एक गिलास छाछ के साथ सुबह-शाम पिये!
यदि किसी महिला का मासिक धर्म अनियमित है तो सुबह – शाम 4-5 तुलसी के पत्ते गर्म पानी के साथ पीने से मासिक धर्म खुलकर होता है एव कमर दर्द से रात दिलाने में भी सहायक होता है!

तुलसी (पौधा) Tulsi

सिर दर्द, बाल झड़ना या असमय बाल पकड़ने पर तुलसी के 8-10 पत्ते एलोवेरा में मिलाकर सिर और बालों की जड़ों में मालिश करने से सिरदर्द एव  बाल झड़ने की समस्या से आराम मिलता है!
तुलसी और नींबू का रस समान मात्रा में मिलाकर रात्रि में सिर के बालों में अच्छी तरह से लगाकर सुबह बाल धोने से सिर की जुएं और लिखे मर जाती है!
दांत दर्द, दांत से खून आने पर यहां दातों में कीड़े लगने पर तुलसी के  8-10 पत्तों के साथ पानी से कुल्ला करने से आराम मिलता है। मुंह की दुर्गंध दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों को लम्बे समय तक मुंह में रखे !
मुंह और गले में छाले, गले के दर्द में तुलसी के 8-10 पत्ते गर्म पानी के साथ गरारे करें!
कूलर के पानी में 8-10 पत्ते तुलसी के पीस कर डालने से सारा घर रोग मुक्त हो जाता है!
तुलसी के 8-10 पत्ते एलोवेरा के साथ में मिलाकर चेहरे पर सुबह और रात में सोने से पहले लगाने से त्वचा सुंदर हो जाती है. और चेहरे से धब्बे, छाईया, कील- मुंहासे और झुर्रिया को दूर करने मे सहायक है!

सावधानी

तुलसी के साथ दूध, मूली, नमक, प्याज, लहसुन, खट्टे फल या मांसाहार का सेवन हानिकारक है!

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