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hauslo (hausle) ki udaan story in hindi – हौसलों की उड़ान

 

hauslo (hausle) ki udaan story in hindi – हौसलों की उड़ान

Hauslo Ki Udaan Story In Hindi

हौसलों की उड़ान कभी असफल नहीं होती, यह एक बहुत ही अच्छा प्रेरनादायी वाक्य है ! इसका अर्थ होता है, कि जो लोग अपने हौसलों को कभी कम नहीं होने देते और हमेशा कोशिश करते रहते है ! वे कभी भी नाकामियाब नहीं होते उन्हें सफलता जरुर हासिल होती है ! दोस्तों, कुछ लोग ऐसे भी होते है जो दूसरों के हौसलों को बढ़ाने की वजाय उनके हौसलें कम करने की कोशिश करते है ! Hauslo Ki Udaan Story In Hindi

एक गरीब परिवार का लड़का जिसके सिर से माता पिता का साया उठने के बावजूद भी वह हिम्मत नहीं हारता है ! और अपनी कड़ी मेहनत व परिश्रम से अपने पिता का सपना था, जो एक सरकारी नौकरी का, आज वह सफलता की सीढ़ी चढ़ चुका है! कहानी सत्य घटना पर आधारित है आज वह बालक वास्तविक रूप से अध्यापक की नौकरी कर रहा है !

Hauslo Ki Udaan Story  – हौसलों की उड़ान

एक बालक सोहन जिसके जेहन में काफी छोटी उम्र में ही बड़ा बनने का सपना था ! जो उसे अपने पिता से सीखा था ! परंतु समय जब करवट बदलता है ! तो सारा संसार बदल जाता है ! कुछ ऐसा ही हुआ बालक सोहन के साथ जब व कक्षा 5 में अध्यनरत था !

सुबह के करीब 7:00 बज रहे थे, तभी सोहन विद्यालय के लिए तैयार हो रहा था ! उसी समय उसकी मां उसके लिए खुशी-खुशी नाश्ता तैयार कर रही थी !

तभी एका एक  उसके कानों में फोन की घंटी सुनाई देती है ! वह हमेशा की तरह खुश होकर फोन की और लपकती है ! पर जैसे ही फोन अटेंड करती है तो वह एक मूर्ति सी स्तम्भ खड़ी रह गई, मानो आसमान तले जमीन नहीं रही उसका सारा संसार उजड़ चुका था ! सोहन के पिता जो ट्रक ड्राइवर थे वह अब इस दुनिया में नहीं रहे, यहीं से सोहन की सपनों की दुनिया को ब्रेक लग जाता है!

कुछ समय इसी तरह दुख में बीतता गया ! पर शायद ऊपर वाले को थोड़ी सी बच्ची हुई खुशी उसकी मां भी पसंद नहीं आई और छः माह बाद उसकी मां का भी निधन हो जाता है !

Hauslo Ki Udaan

अब बालक को इस अंधेरी दुनिया में सिवाय दुख के कुछ भी नजर नहीं आ रहा था ! अब उनके मामा जी ने उसे अपने साथ लेकर चल देते है !

पर जब कहते हैं ना समय जब हाथ धोकर पीछे पड़ जाए तो उसके वार से बचा कहां तक जा सकता है ! यानी कि उसकी मामी जो उसे हर दिन परेशान करना और ताने देती रहती थी ! वह बालक सोहन उस तनातनी के माहौल में अपने डगमगाते कदमों को संभालने की कोशिश करने हुए !

अपने मामा जी के साथ रहते हुएकक्षा 12 तक की शिक्षा जैसे तैसे पूर्ण कि अब उसे आगे अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए जाना था ! पर जब पेट व जेब दोनों खाली हो तो इंसान कहां तक जा पाता है !

इसी बीच उसकी दोस्ती एक रवि नाम के नेक दोस्त से हो जाती है ! और यहीं से समय उसका साथ देने लगता है ! रवि शहर में रहता है तथा वही रहकर साइड जॉब के साथ अपनी पढ़ाई भी करता है ! और रवि यही बात सोहन को बताता है ! सोहन भी राजी हो जाता है शहर जाने को और जब यह शहर जाने की बात अपने मामा मामी को बताता है !

तो वह चिढ़ जाते और भला बुरा कहते हैं ! आज तक हमने तुझे इसलिए पाला कि बड़ा होकर तू हमें कमा कर दे, परंतु तू तो निकम्मा निकला चला जा यहां से फिर वापस मुंह उठाकर मत आना !

Hauslo Ki Udaan  

सोहन अब भारी मन से मन संजोकर रवि के साथ अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए शहर चला जाता है ! वहां जाकर रवि के साथ ही काम पर लग जाता है ! रवि के साथ कुछ समय में ही सेठ सोहन की लग्न व मेहनत को देखकर खुश हो जाता है !

सेट रोजाना देखता है कि काम के साथ देर रात तक सोहन रवि के साथ पुस्तकें पढ़ते रहता है ! तथा सुबह भी जल्दी उठ जाता है उनकी पढ़ाई के प्रति लग्न को देखकर सेट उसे कुछ जो जरूरी थे रुपयों की व्यवस्था कर देता है !

अब बालक सोहन अब जवान हो चुका था ! उसे अपने पिता का सपना भी जवान और साकार नजर आने लग रहा था ! और उसी समय वह BSTC की परीक्षा देता है ! उसका चयन हो जाता है!

और बालक की BSTC धीरे-धीरे पूर्ण हो जाती है ! वह काम के साथ निरंतर कठिन परिश्रम भी करता रहता है ! और एक दिन वह अध्यापक की परीक्षा का भी समय आ जाता है ! और बालक अपने हौसलों के साथ परीक्षा देने जाता है ! साथ में उसे डर भी लगता है पर अपने आप को संभालने की कोशिश करते हुए परीक्षा हो जाती है ! उसमें वह सफल हो जाता है और अध्यापक बन जाता है !

तमाम मुश्किलों को कड़ी मेहनत से पार करते हुए अपने सपनों को पूरा करता है ! आज वह खुश था कि आज उसके पिता का सपना पूरा हो गया !

हौसले की उड़ान के आगे हार गई मुसीबत

Hauslo Ki Udaan Story – कहानी से प्राप्त शिक्षा (Moral of the Story)

इस कहानी की शिक्षा यह है कि जिस तरह सोहन ने अपने हौसलों को कभी कम नहीं होने दिया एवं कोशिश करते हुए हर मुश्किलों का सामना कर आगे बढ़ता रहा और कमियाबी की उड़ान भरी

उसी तरह हमें भी कभी हार नहीं माननी चाहिए हमेशा कोशिश करते रहना चाहिए, क्यूकि हौसलों की उड़ान कभी असफल नहीं होती, कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती

कोशिश करते रहने से एक ना एक दिन हमें कमियाबी जरुर हासिल होती है ! इस Hauslo Ki Udaan Story In Hindi से उन लोगों को भी शिक्षा मिलती है !जो हमेशा गरीबी का रोना रोते है !

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