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mamta ankit सरकारी स्कूल की ये टीचर बनी मिसाल, मन की बात मे पीएम मोदी भी कर चुके हैं सलाम 2020

 

mamta ankit सरकारी स्कूल की ये टीचर बनी मिसाल, मन की बात मे पीएम मोदी भी कर चुके हैं सलाम 2020


Mamta Ankit सरकारी स्कूल की ये टीचर बनी मिसाल

आज हम एक ऐसी शिक्षिका जो उत्तर प्रदेश (Prayaagaraaj) के एक सरकारी school की ममता मिश्रा या Mamta Ankit के बारे मे जानकारी बता रहे है!

primary school की इस शिक्षिका ने अपने संसाधनों से smart class बनवाए साथ ही YouTube, green board और मोबाइल diksha app के जरिए बच्चों को digital education दे रही हैं! PM Modi भी Mann Ki Baat  में ममता मिश्रा की प्रशंसा कर चुके हैं!

अध्याप​क होना अपने आप में ही एक सम्मान होता है! अध्याप​क वैसे तो हमें पढ़ाने के लिए होते हैं, लेकिन हमारे जीवन में सब की भूमिका भी निभाते है! mata-pita की तरह बच्चों को समझना और वक्त आने पर डांट भी लगाना, अच्छे dost की तरह हौसला बढ़ाना और सही रास्ता दिखाना!

शायद इसलिए माता-पिता के बाद  गुरु (अध्याप​क) को ही हमने दूसरा स्थान दिया है!

प्राइवेट स्कूल से बेहतर है सरकारी स्कूल ?

Mamta Mishra ने अपने निजी खर्चे से एक सरकारी School को ऊन Private स्कूलो के बराबर लाकर खड़ा कर दिया है! बल्कि उनसे बेहतर, जबकि उनकी फीस व डोनेशन लाखो रुपये होती है!

ये Mamta Mishra प्रयागराज जिले के Yamunapaar इलाके में चाका Block के मॉडल प्राइमरी School तेदुंआवन में अध्याप​क के पद पर कार्यरत हैं!

इनकी नियुक्ति 2015 हुई थी! लेकिन ममता मैडम ने दूसरे sarkari शिक्षकों से अलग हटकर School में पढ़ने वाले बच्चों को Private School के बच्चों की तरह ही digital तरीके से पढ़ने के लिए प्रेरित किया!

Mamta Ankit के सैकड़ों वीडियो से पता चलता है, कि उनके द्वारा किताबी ज्ञान के साथ-साथ एक गुणवत्तापूर्ण व प्रैक्टिकल तरीके से शिक्षा दी जा रही है!

जिससे कि वो बच्चे बदलते समय के साथ कदम से कदम मिला कर चल सकें ! ममता अपने School में आने वाले पहली कक्षा से लेकर बड़ी क्लास तक के बच्चों को घर में मोबाइल के जरिए पढ़ाई करने के गुर भी सिखा रही हैं!

अगर ममता दीदी की तरह प्रत्येक सरकारी अध्यापक अपनी योग्यता के अनुसार ईमानदारी से कार्य करें तो Private School से बेहतर हो सकती हैं, सरकारी School जिससे लोगों की मानसिकता बदल सके !

Online education – Mamta Ankit – YouTube channel

ममता मिश्रा Mamta Ankit नाम से YouTube channel भी चलाती है जिसमें 818K से अधिक बच्चों के साथ-साथ बड़े भी फॉलोअर है!

उनके यूट्यूब चैनल पर 30 करोड़ से अधिक views अभी तक मिल गए और अभी तेजी से बढ़ रहे हैं!

जिसमें उन्होंने बच्चों को प्रैक्टिकल व गुणवत्तापूर्ण पढ़ाते हुए 717 से अधिक वीडियो अपलोड कर दिए हैं!

वह बच्चों को खेल-खेल में गणित विज्ञान और सामान्य ज्ञान की बारीकियां इतनी आसानी से सिखा देती है! जिससे सभी लोग व अभिभावक दोनों ही हैरान रह जाते हैं!

इसके साथ-साथ सामाजिक बुराई हो या किसी भी बच्चे को कोई भी समस्या हो तो वह उसे सॉल्व करने बच्चों के घर तक जाती है!

इन सभी कारणों की वजह से लोग उनको पसंद करते हैं!

ममता मिश्रा का Facebook page भी है जिस पर भी 11 लाख से अधिक लोग follow करते है! इस पर भी वह वीडियो अपलोड करती है साथ ही live आकर लोगों से बात भी करती है!

Mamta मैडम जैसा कोई नहीं

एक news channel से बात करते हुए बच्चों ने बताया कि पहले हम जमीन पर दरी बिछाकर उस पर बैठकर पढ़ाई करते थे ! जिस कारण हमें बहुत परेशानी होती थी विशेषकर सर्दियों में !

लेकिन ममता मैडम ने अपने खुद के पैसे से पूरी क्लास के लिए फर्नीचर मंगवा दिया !

इतना ही नहीं जब किसी बच्चे के माता-पिता फीस नहीं दे पाते या कॉफी पेंसिल नहीं होती तो उनकी जरूरत को भी मैडम अपने पैसे से पूरा कर देती है!

वहीं ममता मैडम की कार्यशैली से School का पूरा स्टाप बेहद खुश है और उनसे प्रेरणा ले रहे हैं!

PM Modi Man ki baat

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में ममता की प्रशंसा कर चुके हैं!

ममता ने अपने परिश्रम व निजी संसाधनों के बल पर एक सरकारी School को Private स्कूल के बराबर खड़ा कर दिया है!

एक तरफ जहां दूसरे सरकारी School मैं पढ़ाने वाले अध्यापक सीमित संसाधनों का हवाला देकर अपना रोना ही रो रहे हैं!

दूसरी तरफ ममता मिश्रा अपना काम मेहनत व पूरी ईमानदारी से पूरा कर रही है!

इसका मतलब यह भी नहीं है कि सरकारी School में पढ़ाने वाले सभी अध्यापक अपना कार्य ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं!

पर ऐसे लोगों के मुंह पर एक तमाचा मार कर एक मिसाल खड़ी कर दी,

जब कुछ करने का जज्बा दिल में हो तो सीमित संसाधनों से भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती है!

बच्चों का पहला ‘रोल मॉडल’ होता है शिक्षक

गुरु या शिक्षक की महानता का वर्णन करते हुए संत कबीर दास ने ठीक ही बताया है! की “गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए ” अर्थात गुरु और भगवान में samman देने की बात आए तो सर्वप्रथम गुरु को ही samman दिया जाना चाहिए

क्योंकि गुरु साक्षात साकार रूप से बच्चे का न केवल निर्माण करता है, बल्कि उसे श्रेष्ठ महापुरुष बनाने का काम भी करता है!

घर व परिवार के बाहर बच्चों का पहला ‘रोल मॉडल’ अध्याप​क या शिक्षक ही होता है! जब बच्चा अन्य सभी बच्चो को अपने शिक्षक की बाते मानते व उनके आज्ञा पर किसी भी कार्य को करवाते हुए और नेतृत्व करते हुए देखता है! तब वह अन्दर से अपने शिक्षक से प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता है!

तब जरूरी होता है कि उसके शिक्षक योग्य हों और अपने काम को पूरे मन व ईमानदारी और प्रभावशीलता के साथ करें !

इसके साथ ही बच्चे को प्यार और विशवास दें जो उसे भविष्य के लिए जिम्मेदारी लेने वाला, अपनी ग़लती मानने वाला और अपनी ग़लतियों से सीखकर आगे बढ़ने वाला इंसान बनाएं, ताकि वह जीवन में प्रगति पथ पर निरंतर आगे बढ़ता हुआ अपनी संभावनाओं के शिखर को छू सके !

इन सभी कारक को ममता मैडम बखूबी से पूरा कर रही है Hindimaid.com ब्लॉग की ओर से आपको नमन करते हैं!

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