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MSP समर्थन मूल्य पर खरीद : राजस्थान में मूंग, उड़द, सोयाबीन, एवं मूंगफली के ऑनलाइन पंजीकरण 2021

 

MSP समर्थन मूल्य पर खरीद : राजस्थान में मूंग, उड़द, सोयाबीन, एवं मूंगफली के ऑनलाइन पंजीकरण

न्यूनतम समर्थन मूल्य वह MRP है! जिससे सरकार किसानों से फसल खरीदती है! जिसे (MSP) Minimum Support Price  कहते हैं! न्यूनतम समर्थन मूल्य भारत सरकार की कृषि मूल्य नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है!

भारत में बहुत से ऐसे किसान हैं! जिसको भारत सरकार या राज्य सरकारों की ऐसी कई कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी भी नहीं है! इसमें से एक है - MSP

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे कि एमएसपी क्या है? और इससे किसानों को क्या लाभ है! और किसान इसका लाभ किस प्रकार से ले सकता है!

 न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) Minimum Support Price 

MSP वह प्राइस है, जो केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न फसलों की बुवाई या शोविंग से पहले ही तय करती है! यह भारत सरकार की एग्रीकल्चर पॉलिसी का महत्वपूर्ण अंग है!

भारत सरकार बुवाई से पहले फसलों की लागत और किसानों के लाभ को जोड़कर तय करती है!

मान लीजिए बाजार में मूंग की कीमत 8000 प्रति क्विंटल है! अब केंद्र सरकार बुवाई से ठीक पहले MSP - 7196 प्रति क्विंटल की घोषणा कर देती है! तब किसान निश्चित हो जाता है, कि मुझे मेरी फसल का कम से कम 7196 तो सरकार की ओर से मिलेगा ही मिलेगा!

साहे बाजार में कितनी भी कम क्यों ना हो सरकार उसे MSP रेट पर खरीदने के लिए बाध्य होगी!

MSP के लाभ उद्देश्य

MSP किसानों को प्रोत्साहित करने में मदद करता है! साथ ही देश में पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन सुनिश्चित करता है! PDS के माध्यम से खाद्यान्न सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सहायता करता है! किसान को नुकसान से बचाता है! कृषि क्षेत्र में अनिश्चितता को दूर करने मे मदद करता है

MSP में कौन-कौन सी फसलें

अब तक, CACP 23 फसलों के MSP की सिफारिश करता है, जिसमें

7 अनाज (धान, गेहूं, मक्का, शर्बत, मोती बाजरा, जौ और रागी) शामिल हैं!

 5 दालें (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर)

 7 तिलहन (मूंगफली) , रेपसीड-सरसों, सोयाबीन, समुद्री घास, सूरजमुखी, कुसुम, निगरस)

4 वाणिज्यिक फसलें (खोपरा, गन्ना, कपास और कच्ची जूट)

प्रत्येक फसल की MSP गणना कैसे की जाती है?

  MSP की गणना और अनुशंसा CACP (Commission for Agricultural Costs & Prices) द्वारा की जाती है! MSP की गणना मे CACP द्वारा संपूर्ण संरचना को व्यापक रूप से ध्यान में रखा जाता है! जिसमे उत्पादन लागत,  इनपुट-आउटपुट मूल्य,  बाजार कीमतों में रुझान, मांग और आपूर्ति!

अंतर्राष्ट्रीय मूल्य की स्थिति, भुगतान की गई कीमतों और किसानों द्वारा प्राप्त कीमतों के बीच समानता!

आयोग जिला, राज्य और देश के डेटा का उपयोग करता है! जो MSP का अनुमान लगाने के लिए आवश्यक हैं!

सरकार / सार्वजनिक एजेंसियों या उद्योग के साथ क्षेत्र, उपज और उत्पादन, आयात, निर्यात और घरेलू उपलब्धता और स्टॉक, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की लागत, विपणन की लागत - भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण, विपणन सेवाएं, कर / शुल्क बाजार के व्यपारियो द्वारा बनाए रखा मार्जिन; आदि भी माने जाते हैं!

विभिन्न मंत्रालय और विभाग MSP  तय करने मे मदद करते हैं! अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय द्वारा फसलों की लागत के अध्ययन के लिए व्यापक योजना के माध्यम से लागत की लागत / उत्पादन लागत का अनुमान, MSP की सिफारिश के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट आयोग को उपलब्ध कराया जाता है!

वह अनुमान उत्पादन के वास्तविक कारकों को ध्यान में रखते हैं और उत्पादन में किसान द्वारा लगाए गए नकद और तरह के सभी वास्तविक खर्चों को शामिल करते हैं, भूमि में पट्टे, परिवार के श्रम का मूल्य,  कृषि उपकरणों और अन्य विविध खर्च

CACP (Commission for Agricultural Costs & Prices)

कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का एक सुयोक्त कार्यालय है! यह जनवरी 1965 में अस्तित्व में आया! वर्तमान में, आयोग में एक अध्यक्ष, सदस्य सचिव, एक सदस्य (आधिकारिक) और दो सदस्य (गैर-आधिकारिक) शामिल हैं! गैर-आधिकारिक सदस्य कृषक समुदाय के प्रतिनिधि हैं! और आमतौर पर कृषक समुदाय के साथ एक सक्रिय संबंध रखते हैं!

सरकार द्वारा तय MSP - 2020-21

उड़द - 6000 प्रति क्विंटल

मूंग - 7196 प्रति क्विंटल

मूंगफली - 5275 प्रति क्विंटल

सोयाबीन - 3880 प्रति क्विंटल

Rajasthan state co-operative marketing federation ltd (RAJFED)

RAJFED राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव् मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड एक स्वतंत्र संस्था है यह राजस्थान में किसानों की MSP पर उत्पादन खरीदने का काम करती है

केंद्र सरकार ने इस वर्ष 2020 राजस्थान को मूंग - 3.57 लाख मीट्रिक टन, उड़द - 71.55 हजार, सोयाबीन - 2.92 लाख, व मूंगफली - 3.74 लाख मीट्रिक टन की अनुमति दी है

 ईमित्र पर करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

किसान MSP पर अपनी फसल बेचने से पहले ईमित्र पर अपना ऑनलाइन पंजीयन करवा दे पंजीयन (टोकन) के बिना किसान अपनी फसल नहीं बेच पायेगा

पंजीयन कराते समय इन बातों का रखें ध्यान

जन आधार कार्ड में किसान का नाम व मोबाइल लिंक होना जरूरी

जिसके नाम गिरदावरी है उसी के नाम पंजीयन करें

किसान का बैंक खाता होना जरूरी ताकि ऑनलाइन भुगतान किया जा सके

निम्न दस्तावेज अपने साथ लेकर जाएं - जन आधार कार्ड, खसरा संख्या, गिरदावरी प्रति, बैंक पासबुक

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